जीवन परिचय
विवेकी राय का जन्म सन १९२४ में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के भरौली ग्राम में हुआ था। प्रारम्भिक शिक्षा पैतृक गाँव सोनवानी (गाजीपुर जिला) में हुई। महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ से पी-एच.डी. की। शुरू में कुछ समय खेती-बाड़ी में जुटने के बाद अध्यापन कार्य में संलग्न हुए।
साहित्यिक अवदान
मनबोध मास्टर की डायरी और फिर बैतलवा डाल पर इनके सबसे चर्चित निबंध संकलन हैं और सोनामाटी उपन्यास राय का सबसे लोकप्रिय उपन्यास है।
हिन्दी
ललितनिबंध
- मनबोध मास्टर की डायरी
- गंवाई गंध गुलाब
- फिर बैतलवा डाल पर
- आस्था और चिंतन
- जुलूस रुका है
- उठ जाग मुसाफ़िर
कथा साहित्य
- मंगल भवन
- नममी ग्रामम्
- देहरी के पार
- सर्कस
- सोनमती
- कलातीत
- गूंगा जहाज
- पुरुष पुरान
- समर शेष है
- आम रास्ता नहीं है
- आंगन के बंधनवार
- आस्था और चिंतन
- अतिथि
- बबूल
- जीवन अज्ञान का गणित है
- लौटकर देखना
- लोकरिन
- मेरे शुद्ध श्रद्धेय
- मेरी तेरह कहानियाँ
- सवालों के सामने
- श्वेत पत्र
- ये जो है गायत्री
काव्य
- दीक्षा
साहित्य समालोचना
- कल्पना और हिन्दी साहित्य, अनिल प्रकाशन, १९९९
- नरेन्द्र कोहली अप्रतिम कथा यात्री
अन्य
- मेरी श्रेष्ठ व्यंग्य रचनायें, १९८४
भोजपुरी
निबंध एवं कविता
- भोजपुरी निबंध निकुंज: भोजपुरी के तैंतालिस चुने हुए निबन्ध, अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन, १९७७
- गंगा, यमुना, सरवस्ती: भोजपुरी कहानी, निबंध, संस्मरण, भोजपुरी संस्थान, १९९२
- जनता के पोखरा: तीनि गो भोजपुरी कविता, भोजपुरी साहित्य संस्थान, १९८४
- विवेकी राय के व्याख्यान, भोजपुरी अकादमी, पटना, तृतीय वार्षिकोत्सव समारोह, रविवार, २ मई १९८२, पर आयोजित व्याख्यानमाला में 'भोजपुरी कथा साहित्य का विकास' विषय पर दिये। भोजपुरी अकादमी, १९८२
उपन्यास
- अमंगलहारी, भोजपुरी संस्थान, १९९८
- के कहला चुनरी रंगा ला, भोजपुरी संसद, १९६८
- गुरु-गृह गयौ पढ़न रघुराय, १९९२

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