Popular Posts

Tuesday, January 1, 2019

फूलनपुर कहाँ है

नवम्बर के आखरी सप्ताह में गाँव गया था .बड़े भइया की छोटी लड़की की शादी थी,मै गाँव तो चार महीने में चला ही जाता हूँ .लेकिन बच्चे तो गाँव जल्दी जाते ही नही .सोच ता हु कही वे दिल्ली में रह कर गाँव को भूल जाए


गाँव पर शादी में जयमाल के लिएstage बन रहा था .तभी मेरा भतीजा आया और माली पर गर्माने लगा की इतना कम फूल लेके आए हो हमने बेला गुलाब चमेली के फूल कहे थे गेंदा के फूल और जंगली फूल जिसमे कोई गंध नही होती लाये हो माली ने कहा का करे बाबूजी जो मिलेगा वही लायेंगे


तभी हमारे भइया के खास दोस्त राज किशोर पाण्डेय जो पुलिस में थे अब अवकाश प्राप्त कर चुके है गए उन्होंने आते ही एक अपने जीवन की घटना सुनाई .

No comments: